

धनबाद: बीसीसीएल के कोयले के काले खेल में कई लोग भिखारी से करोड़पति बन गये हैं। कई भ्रष्ट बीसीसीएल अधिकारी भी मालामाल हो गये हैं।
कोयले के काला साम्राज्य का लिंक देश के कई बड़े नेताओं के साथ जुड़ा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि कोयले के काले धंधे का टीम टाईगर का कनेक्शन हाई फाई लेवल के लोगो से है। जनता और मीडिया के भारी विरोध के बाद आईवाश करने के लिए जांच और छापामारी का खेल खेला जाता रहा है कोयलांचल में। पहले बालू घोटाला के लिए बीसीसीएल चर्चित रहा है। इस घोटाले में ऑडिटर दास की हत्या कोयलांचल में चर्चित रहा है। बीसीसीएल के कई सीएमडी कोल इंडिया आये और गये लेकिन टाईगर के सामने सबकी बोलती बंद रही है । टाईगर तो अब और बलवान हो गया है। राज्य की राजधानी में दहाड़ने वाला टाईगर अब दिल्ली केन्द्रीय राजधानी में दहाड़ता है। कोयला चोरी और रंगदारी के विरुद्ध बोलने वाले अधिकारियों पर हमला करने से पीछे नहीं रहता है। जब तक कोयले की खरीद बिक्री पर टाईगर गैंग का गुंडा
टैक्स लागू रहेगा तब तक बीसीसीएल में कोयले का घोटाला और चोरी पर लगाम न तो सीआईएसएफ लगा सकेगी और न ही पुलिस प्रशासन।
क्योंकि टाईगर गैंग कोयला लूट का विरोध करने पर कई बार बीसीसीएलकर्मी और आउटसोर्सिंग कर्मियों पर हमला भी कर चूका है। सीएमडी मनोज अग्रवाल कितना कार्रवाई बीसीसीएल के कोयला लुटेरों पर कर पाते हैं यह तो आनेवाला समय ही बताएगा। भारत सरकार के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापामारी धनबाद में दो बार कोयला कारोबारियों पर होने से कोई भी कारोबारी अवैध कोयला लेने से घबरा रहा है और वहीँ वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर लगातार छापामारी होने के कारण कोयता चोरी और लूट पर लगाम लगा है लेकिन गरीब मजदूर कोयला चुनकर साईकिलों से आज भी बेचकर अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं।
कहा जाता है कि बीसीसीएल जैसे कोयले के समुद्र से कुछ टन कोपला जो ओक्र वर्डन में फेका जाता है उसे चुनकर गरीबों का परिवार चल रहा है। जिले में अपराध की कमी हो रही है। इसे बंद करते ही कोयलांचल में अपराधिक घटनाएं बढ़ने का रिकार्ड रहा है।









